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डरने वाली बात

डरने वाली बात
25 Mar 2020 No Comments Article Niraj Pathak

#DoNOTePanic
डरने की बात है, घबराने की नहीं.

सन्दर्भ : वैश्विक संकट काल – कोरोना

जी हाँ, ये डर होना चाहिए, पर सावधानियों को अपना कर हम डर पर विजय पाने के साथ-साथ अपनी घबराहट एवं बेचैनी को भी भगा सकते हैं.

क्या है, कैसे हो सकता है, क्या करना चाहिए, इन्ही सब बातों की श्रृंखला में कुछ बातें और अधिक बारिकी से शामिल किये जाने की जरूरत है.

 वायरस हवा में पंख लगा कर उड़ नहीं रहा, वह हमेशा ही संक्रमित व्यक्ति के छींकने अथवा खांसने से थूक अथवा लार के माध्यम से छिंटो के रूप में बाहर आता है और बीच में आने वाले किसी भी वस्तु पर चिपक जाता है, और तब उस वस्तु को छूने से व्यक्ति का हाथ संक्रमित हो जाता है.

 जिस वस्तु पर संक्रमण का संदेह हो उसे अलग थलग कर कम से कम तीन दिनों ७२ घंटों के लिए छोड़ दें.

 हाथ को संभाल कर उठायें और संभाल कर कोई वस्तु छूएं, ऐसे वस्तु को छूने के बाद साबुन से तुरंत हाथ धो लें जिसको कई अन्य व्यक्तियों ने छुआ हो. – घर पर रहें.

 सबसे पहले अपने मोबाइल फ़ोन को साफ करें और उसे जहाँ तहां नहीं रक्खें न किसी को दें. साफ़ करने का सबसे आसान तरीका घर में माँ-बहनों के पास से नेल पोलिश रिमूवर लेकर रुई से भिंगो कर किनारों पर जहाँ धुल जमी होती है साफ़ कर लें – घर पर रहें.

 पुरुष एवं स्त्री अपने हाथों के आभूषण खोल कर सुरक्षित रख लें, हो सके तो अपने पास कोई भी कीमती वस्तु नहीं रखें. कुछ दिन सादा/सादगी भरा जीवन बिताने पर जोर दें – घर पर रहें.

 अपने घर के किसी एक सदस्य को ही, अत्यधिक-जरुरत (जीवन रक्षक वस्तुएं यथा भोजन दवा आदि) का सामान लाने के लिए अथवा अत्यधिक-आवश्यक (बैंक अथवा ए.टी.एम. आदि) काम से ही बाहर जाने दें. उनके लिए अगल कमरे की व्यवस्था (स्वेच्छा से पृथक यानि सेल्फ आइसोलेशन) के साथ-साथ कपड़े, खाने के बर्तन आदि भी अलग मुहैया कराने का प्रयास जरुर करें – घर पर रहें.

 अति आवश्यकता पड़ने पर सामान आदि के लिए मोटरसाइकिल से अकेले ही आयें-जाएँ, क्योंकि साथ-साथ अभी नहीं चलना है – घर पर रहें.

 घर के सदस्यों से भी एक निश्चित दूरी (एक से डेढ़ मीटर) से ही बात करें, और बात करते समय अपने अपने मुंह को एक दूसरे से विपरीत रखें आमने सामने बात करने से बचें, ऊँची आवाज में बात नहीं करें, जहाँ तक हो सके मौन रहने का प्रयास करें – घर पर रहें.

 और सबसे जरुरी बात, अपना खान पान, नींद, नित्य क्रिया ठीक रखें ताकि आपको किसी भी चिकत्सीय सहायता (मेडिकल एमरजेंसी) की आपात आवश्यकता न आन पड़े – घर पर रहें.

 सूचनाओं/अफवाहों पर ध्यान अवश्य दें परन्तु सबसे पहले उनकी पड़ताल की भी कोशिश कर लें, बिना सोचे समझे कोई भी चीज साझा बिलकुल न करें – घर पर रहें

घर पर रहना ही सारी समस्याओं का निदान है, और फ़िलहाल यही एक मात्र सबसे ज्यादा जरुरी है, ताकि वायरस के संक्रमण चक्र को निष्फल किया जा सके – घर पर रहें.

कोई बिंदु छूट गया हो तो अवश्य जोड़ सकते हैं. – घर पर रहें

शेयर करने योग्य हो तो जरुर आगे बढ़ाएं.
जिन्दा रहे तो फिर मिलेंगे – तब तक – घर पर रहें – मैं भी घर पर ही हूँ.
आपका
(यहाँ आप अपना नाम लिख सकते हैं.)

About The Author
Niraj Pathak IT-Professional, Motivational Speaker, Writer, Ward-Councillor at Municipal Council of Phusro.
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