hawaii casual encounters
/gspeech}   Click to listen highlighted text! /gspeech}

जरुरत क्या है – 02

जरुरत क्या है – 02
25 Apr 2019 No Comments Shayri Niraj Pathak

मैं किरदार हूं, जी लूंगा तेरे किस्से को।
फिर रोज नए फसाने की जरूरत क्या है।22।

उम्र हुई, थाम ले छड़ी की मूठ को अब।
हूर को देख कर थरथराने की जरूरत क्या है।23।

यादें हैं, कोई ख़्वाब नहीं ये सब, भूले नहीं भूलेंगे।
बिखेर कर रोज सजाने की जरूरत क्या है।24।

जिनकी वजह से बर्बाद, आबो-हवा और गुलशन।
उन परिंदों पर धान लुटाने की जरूरत क्या है।25।

घायल हो जो फकत नजर से तेरे।
फिर ये तीर चलाने की जरूरत क्या है।26।

काम करो, नाम कर लो, दिलों में अपना।
अखबार में नाम छपाने की जरूरत क्या है।27।

जो तू है, वह मैं भी, सूरत अलग है, सीरत नहीं।
फिर एक दूसरे को चोर बताने की जरूरत क्या है।28।

फकत चुप्पी तेरी ढा सकती है कहर।
फिर ये शोर मचाने की जरूरत क्या है।29।

सच तो सच ही रहता है,
झूठ का लबादा ओढ़कर भी।
फूल की चादर डालकर,
जनाजा उठाने की जरूरत क्या है।30।

जूं है समाज में,
रेंगती रहीं हैं कानों पर।
फिर उंगलियां डालकर बालों में,
सर खुजाने की जरूरत क्या है।31।

जो तुम कर लो तकिया,
अपने पिया के बांह की।
फिर किसी और कंधे पर,
सर टिकाने की जरूरत क्या है।32।

राज, पोशीदा रख,
बचा बिजलियों से अपना नशेमन।
ये,
चिलमन हटाने की जरूरत क्या है।33।

उनकी जफ़ा का सुबूत हैं ये।
ख़त के पुर्जे जलाने की जरूरत क्या है।34।

निंदकों से सजाया कर,
अपनी महफ़िल को।
तारीफ वालों को,
पास बिठाने की जरूरत क्या है।35।

जिसके जीवन में,
तुमने बोये सिर्फ कांटे।
उसी की कब्र पर,
फूल चढ़ाने की जरूरत क्या है।36।

कभी बांट भी लिया कर,
अपने तजुर्बों को,
जमा कर,
अपने साथ ले जाने की जरूरत क्या है।37।

जी ऐसे कि हो वसूल हरेक पल जीवन का।
यूं कतरा कतरा जीने की जरूरत क्या है।38।

मत रोक हुस्न-ए-बेपरवाह को,
जाने दे जिधर जाती है।
जान बूझ कर,
ये खतरा उठाने की जरूरत क्या है।39।

यह इश्क,
आग का दरिया है,
जानते हैं सभी।
इश्क में हद से गुजरने की जरूरत क्या है।40।

कसमे, वादे, प्यार, वफ़ा बातें हैं,
जानते हैं सभी।
फिर ये चर्चा सुबहो शाम करने की
जरूरत क्या है।41।

Tags
About The Author
Niraj Pathak IT-Professional, Motivational Speaker, Writer, Ward-Councillor at Municipal Council of Phusro.
Click to listen highlighted text!